सीएम को लिखा पत्र, डोमिसाइल नीति लागू करने की आवश्यकता:- कृष्णा पटेल

 

बिहार प्रदेश छात्र जनता दल यूनाइटेड के प्रदेश उपाध्यक्ष कृष्णा पटेल ने बिहार असिस्टेंट प्रोफेसर की नियुक्ति के लिए बनाए गए नए परिनियम में न्याय संगत आवश्यक संशोधन कर बिहारी छात्र-छात्राओं की हक मारी पर अंकुश लगाने, वास्तविक अधिकार दिलाने, प्रोफेसर की नियुक्ति में अधिकतम भागीदारी और नियुक्ति सुनिश्चित कराने के लिए बिहार के माननीय मुख्यमंत्री श्री नीतीश कुमार जी को पत्र लिखा।

जिसमें कृष्णा पटेल ने कहा कि बिहार में प्रतिभा की कमी नहीं है और उच्च शिक्षा ग्रहण करने वाले अभ्यार्थियों की एक लंबी कतार लगी हुई है। अब बिहार में किसी बैसाखी और पैराशूटी अभ्यार्थियों की आवश्यकता नहीं है।

यहां के प्रतिभावान विद्यार्थी कड़ी मेहनत के बाद कठिनता से उच्च शिक्षा की डिग्री प्राप्त करते हैं।

जबकि अन्य पड़ोसी राज्यों में डिग्रियां बांटने की दुकानें खुली हुई है।

इसीलिए बिहार असिस्टेंट प्रोफेसर की नियुक्ति के लिए बनाए गए नए परिनियम में कई बिंदुओं पर संशोधन करने की आवश्यकता है। 

जिसके फलस्वरूप बिहारी छात्र- छात्राओं को इसका लाभ मिल सके।

बिहार के मुख्यमंत्री को लिखे पत्र में कृष्णा पटेल ने मांग किया है कि बिहार असिस्टेंट प्रोफेसर की नियुक्ति के लिए बनाए गए नए परिनियम में बिहारी छात्र- छात्राओं के लिए 90% सीट आरक्षित की जाए, चयन का आधार मेधा अंक के बजाय प्रतियोगी परीक्षा आयोजित कर कराई जाए, कोरोना काल के कारण डिग्री नहीं प्राप्त करने वाले वैसे छात्रों को भी आवेदन जमा करने व साक्षात्कार में शामिल होने का अवसर दिया जाए जो विश्वविद्यालय में अपना पीएचडी का थेसिस जमा कर चुके हैं, पीएचडी का अधिभार 30 अंक से कम किया जाए, शैक्षणिक अनुभव के लिए विश्वविद्यालय स्तर के अभ्यर्थियों के साथ- साथ राज्य के विभिन्न विद्यालयों में संबंधित विषय में 10+2 में पढ़ा रहे अभ्यर्थियों को भी शामिल किया जाए, और नई शिक्षा नीति 2020 का पालन कर एमफिल को वरीयता नहीं दिया जाए।



                         भवदीय।

                     कृष्णा पटेल

                 प्रदेश उपाध्यक्ष

              छात्र जदयू , बिहार

Previous Post Next Post
Ads1
Ads2